HUM LEEN HAI PRABHU DHYAN MEE | SANI SHAH | PUJYA GYANVIMALSURI MAHARAJ

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❤️ केवा तू कामण करे ❤️

संघ एकताना शिल्पी पूज्य ॐकारसूरी महाराजा के जन्म शताब्दी वर्ष पर देवचंद्रजी , आनंदघनजी, महोपाध्याय यशोविजयजी आदी पूर्वमहर्षिओ द्वारा रचित स्तवनोका नूतन भाववाही रागों में पुनर्जीवन

✨ Samanya Jin Stavan ✨

🎵::: Stavan ::: 🎵
Hum Line Hai Prabhu Dhyan Me

✍️ ::: Rachna ::: ✍️
Pujya Gyanvimalsuri Maharaja

🎹 :::Music Director ::: 🎹
Umang Bhavsar

🎙️::: Singer :::🎙️
Sani Shah

🎶::: Music Arranged – Produced :::🎶
Umang Bhavsar

🎺 ::: Flute :::🎺
Kiran Vinkar

🎼 ::: Mixed & Mastered ::: 🎼
Kardamsharma Joshi

📍 ::: Recording At ::: 📍
Melodious Junction Studio By UMANG BHAVSAR

::: Lyrics :::

हम लीने हे प्रभु ध्यान में… हम लीने हे… ! करम भरम जंजीर से छूटे, होई रहे एक तान में. ॥१॥

रोम रोम परमानंद उलसत, होत मगनता ज्ञान में; सवि सभाव में तुंही तुंही, ओर न आवत मान में.॥२॥

ज्युं तरवारे अति दूर निकंदे, अलग रही हे म्यान से;आतमशक्ति भगति ज्युं तेसी, होवे पुद्गल ठान से.॥३॥

अहनिश मैत्रीभाव उदासीन, त्रिभुवन अभयदान से; अजब कला कोई ऐसी तुमची, निश्चित नय परधान से.॥४॥

‘ज्ञानविमल’ प्रभुता गुण तेरो, पसर्यो आन प्रान से; सहज सदागम बोध सुलभता, देई सफळ करो दान से. ॥५॥

 

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